रिव्यूः ‘वार छोड़ न यार’

नेक इरादों से पर बहुत ही ज्यादा सिंपल। ‘वार छोड़ न यार’ सीमा पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों के ऊपर कटाक्ष करते हुए उन जवानों पर फोकस करती है जो सरहद के दोनों तरफ तैनात हैं। उन जवानों के लीडर हैं भारत की ओर से कैप्टन राणा यानी शरमन जोशी और पाकिस्तान की तरफ से कैप्टन कुरैशी यानी जावेद जाफरी। जब टीवी रिपोर्टर रूथ दत्ता यानी सोहा अली खान होने वाली जंग की रिपोर्टिंग करने सीमा पर पहुंचती हैं तो वो देखती हैं कि दोनों ओर के जवानों के बीच अच्छी खासी दोस्ती है।

 जो एक-दूसरे पर गोली चलाने से ज्यादा अंताक्षरी में एक दूसरे को हराने में ज्यादा खुश हैं। राइटर डायरेक्टर फराज हैदर ह्यूमर का बखूबी इस्तेमाल करते हुए अपना पक्ष रखते हैं कि कैसे चीन और अमेरिका भारत-पाक तनाव को बढ़ावा देकर अपना फायदा करना चाहते हैं। वो दोनों तरफ की सरकारों की अपनी अपनी सेना के प्रति लापरवाही दिखाते हैं। इसमें एक जोक भी है जैसे पाकिस्तानी जवानों का दाल में गोश्त ढूंढना। फिल्म में आर्मी अफसर और रिपोर्टर के बीच का जबर्दस्ती का रोमांटिक ट्रैक भी दिखाया गया है जिसकी जरूरत नहीं है।

 और भला आप कितनी बार चीनी माल के घटिया होने पर जोक मारेंगे। दिलीप ताहिल चार अलग-अलग किरदारों में फिल्म में कुछ हंसी देते हैं। वो एक भ्रष्ट भारतीय मंत्री हैं, एक पाकिस्तानी नेता हैं, अमेरिकी सीनेटर हैं और चीनी जनरल हैं जिन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल है। संजय मिश्रा पाकिस्तानी कमांडर के तौर पर बेहद अच्छे लगते हैं। ‘वार छोड़ न यार’ एक गंभीर विषय को हल्के-फुल्के तरीके से दिखाने में कामयाब होती है। शरमन जोशी और जावेद जाफरी अच्छे फॉर्म में हैं पर फिल्म की स्क्रिप्ट अंत तक पहुंचने से पहले ही अपना चार्म खो देती है।

[tube]http://www.youtube.com/watch?v=Gw1ELVWGamI[/tube]

Author
By
@

Readers Comments


Add Your Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

In The News

Reviews

Direct Ishq” Movie Review

February 19th, 2016

(WNN Rating – ***) Film: “Direct Ishq”; Language: Hindi; Cast: Arjun Bijlani, Nidhi Subbaiah and Rajneesh Duggal; Director: Rajiv S Ruia; Rating: 3/5 Directed by Rajiv ...

Hollywood

Besides Technological advancements, the film making process remains the same – Partho Ghosh

February 19th, 2018

Widely appreciated, respected and critically acclaimed filmmaker of the 90s, Partho Ghosh who delivered super hits like Dalal, 100 Days, Teesra Kaun, Agni Sakshi, Ghulam-e-Mustafa is ...

एक भोजपुरिया का पत्र – सिंगर कल्पना के नाम

December 29th, 2017

आदरणीया कल्पना जी सादर प्रणाम.. उम्मीद है डीह बाबा, काली माई की किरपा से आप जहां भी होंगी सकुशल होंगी, मैम, मैनें अभी आपका एक वीडियो ...

पोषण और कल्याण पुरस्कार 2017 का मकसद लोगों को जागरूक करना : डॉ मोनिका भाटिया

December 22nd, 2017

मुंबई: पोषण और कल्याण पुरस्कार की पूरी अवधारणा इस उद्योग में नवीनतम अपडेटों पर चर्चा करना है, ताकि सफल लोगों को प्रसन्न करने और दूसरों को ...

Reviews

Direct Ishq” Movie Review

February 19th, 2016

(WNN Rating – ***) Film: “Direct Ishq”; Language: Hindi; Cast: Arjun Bijlani, Nidhi Subbaiah and Rajneesh Duggal; Director: Rajiv S Ruia; Rating: 3/5 Directed by Rajiv ...

Hollywood

Besides Technological advancements, the film making process remains the same – Partho Ghosh

February 19th, 2018

Widely appreciated, respected and critically acclaimed filmmaker of the 90s, Partho Ghosh who delivered super hits like Dalal, 100 Days, Teesra Kaun, Agni Sakshi, Ghulam-e-Mustafa is ...

एक भोजपुरिया का पत्र – सिंगर कल्पना के नाम

December 29th, 2017

आदरणीया कल्पना जी सादर प्रणाम.. उम्मीद है डीह बाबा, काली माई की किरपा से आप जहां भी होंगी सकुशल होंगी, मैम, मैनें अभी आपका एक वीडियो ...

पोषण और कल्याण पुरस्कार 2017 का मकसद लोगों को जागरूक करना : डॉ मोनिका भाटिया

December 22nd, 2017

मुंबई: पोषण और कल्याण पुरस्कार की पूरी अवधारणा इस उद्योग में नवीनतम अपडेटों पर चर्चा करना है, ताकि सफल लोगों को प्रसन्न करने और दूसरों को ...

रिव्यूः ‘वार छोड़ न यार’

October 12th, 2013

नेक इरादों से पर बहुत ही ज्यादा सिंपल। ‘वार छोड़ न यार’ सीमा पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों के ऊपर कटाक्ष करते हुए उन जवानों पर फोकस करती है जो सरहद के दोनों तरफ तैनात हैं। उन जवानों के लीडर हैं भारत की ओर से कैप्टन राणा यानी शरमन जोशी और पाकिस्तान की तरफ से कैप्टन कुरैशी यानी जावेद जाफरी। जब टीवी रिपोर्टर रूथ दत्ता यानी सोहा अली खान होने वाली जंग की रिपोर्टिंग करने सीमा पर पहुंचती हैं तो वो देखती हैं कि दोनों ओर के जवानों के बीच अच्छी खासी दोस्ती है।

 जो एक-दूसरे पर गोली चलाने से ज्यादा अंताक्षरी में एक दूसरे को हराने में ज्यादा खुश हैं। राइटर डायरेक्टर फराज हैदर ह्यूमर का बखूबी इस्तेमाल करते हुए अपना पक्ष रखते हैं कि कैसे चीन और अमेरिका भारत-पाक तनाव को बढ़ावा देकर अपना फायदा करना चाहते हैं। वो दोनों तरफ की सरकारों की अपनी अपनी सेना के प्रति लापरवाही दिखाते हैं। इसमें एक जोक भी है जैसे पाकिस्तानी जवानों का दाल में गोश्त ढूंढना। फिल्म में आर्मी अफसर और रिपोर्टर के बीच का जबर्दस्ती का रोमांटिक ट्रैक भी दिखाया गया है जिसकी जरूरत नहीं है।

 और भला आप कितनी बार चीनी माल के घटिया होने पर जोक मारेंगे। दिलीप ताहिल चार अलग-अलग किरदारों में फिल्म में कुछ हंसी देते हैं। वो एक भ्रष्ट भारतीय मंत्री हैं, एक पाकिस्तानी नेता हैं, अमेरिकी सीनेटर हैं और चीनी जनरल हैं जिन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल है। संजय मिश्रा पाकिस्तानी कमांडर के तौर पर बेहद अच्छे लगते हैं। ‘वार छोड़ न यार’ एक गंभीर विषय को हल्के-फुल्के तरीके से दिखाने में कामयाब होती है। शरमन जोशी और जावेद जाफरी अच्छे फॉर्म में हैं पर फिल्म की स्क्रिप्ट अंत तक पहुंचने से पहले ही अपना चार्म खो देती है।

[tube]http://www.youtube.com/watch?v=Gw1ELVWGamI[/tube]

By
@
backtotop